डॉक्टर, जो बच्चों को नहीं बचा पाता..

  • 13 मार्च 2013
इराक डॉक्टर फिरास अल कुबैसी
फिरास बच्चों के दिल के रोग के मुकाबले अकेले लड़ाई लड़ रहे हैं.

फिरास अल कुबैसी पेशे से डॉक्टर हैं और इराक में उनके पास हर हफ्ते तकरीबन 60 ऐसे बच्चे इलाज के लिए आते हैं जो दिल की किसी न किसी बीमारी से जूझ रहे हैं. मगर इन बच्चों की मदद करने के लिए फिरास के पास ज्यादा कुछ नहीं होता.

फिरास इराक के अनबार इलाके के इकलौते ऐसे डॉक्टर हैं जो बच्चों के दिल की बीमारी के इलाज की काबिलियत रखते हैं.

इस इलाके के बारे में कहा जाता है कि यहां रहने वाले तकरीबन आधे बच्चे दिल की किसी न किसी बीमारी का सामना कर रहे हैं.

बच्चों के दिल की बीमारी को लेकर सबसे खराब हालत बगदाद के पश्चिम में स्थित फलूजा शहर की है.

मशीनों और प्रशिक्षित डॉक्टरों का अभाव

साल 2003 में फलूजा में ही अमरीकी नेतृत्व वाली फौज़ ने यहां तत्कालीन सरकार के खिलाफ भीषण लड़ाई लड़ी थी.

डॉक्टर कुबैसी के पास जरूरी उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी है जिनकी मदद से वे बच्चों के दिल का ऑपरेशन कर सकें.

हालांकि हाल ही में उन्होंने अमरीकी मदद से पहली बार एक चार साल की बच्ची के दिल का सफल ऑपरेशन किया है.

कुबैसी इस अनुभव के बारे में कहते हैं,“उस बच्ची को सीने में दर्द की शिकायत थी. उसे वक्त पर इलाज नहीं मिलता तो वह मर भी सकती थी.”

ऑपरेशन की कामयाबी के बाद कुबैसी चांद पर थे. उस नन्हीं बच्ची ने कुबैसी को खुशी से चूम लिया था.

वह कहते हैं,“हमारे पास पहले कोई सुविधा नहीं थी. हम यह अमरीकी मदद से ही कर पाए. हम उनके आभारी हैं.”

लड़ाई का असर

इराक हिंसा
इराक अशांति के दौर से बाहर निकलने की कोशिश में है.

फलूजा इलाके में दिल की बीमारी के बढ़ते मामलों के सवाल पर डॉक्टर कुबैसी को लगता है कि यह किसी रासायनिक या नाभिकीय हथियारों के इस्तेमाल का असर भी हो सकता है.

हालांकि इस बारे में किसी आधिकारिक अध्ययन या इससे जुड़ी किसी अन्य जानकारी की बात से वे इनकार करते हैं.

डॉक्टर कुबैसी स्पष्ट कहते हैं, “यह मेरी अपनी राय है. जब मैं बगदाद में था तो मैंने देखा कि ज्यादातर मामले फलूजा से हैं.”

इराक के इस इलाके में खराब हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहां कुछ दंपती और बच्चे न पैदा करने का फैसला कर रहे हैं.

कुबैसी अपनी लाचारगी जाहिर करते हुए कहते हैं, "हम कुछ नहीं कर सकते. यहां सुविधाओं की भारी कमी है. पिछले दो हफ्तों में हमारे सामने पांच बच्चों ने दम तोड़ा है."

उनका कहना है कि इस इलाके में डॉक्टरों के प्रशिक्षण और ऑपरेशन के काम में आने वाली मशीनों की ज्यादा से ज्यादा जरूरत है.

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