मिलिए अफ़ग़ानिस्तान की प्रथम 'अदृश्य' महिला से

  • 8 मार्च 2013
ज़ीनत करज़ई
Image caption ज़ीनत पेशे से एक डॉक्टर हैं और शादी से पहले वो पाकिस्तान में काम करती थीं.

अफ़ग़ानिस्तान की प्रथम महिला ज़ीनत करज़ई पेशे से एक डॉक्टर हैं लेकिन आम लोगों के बीच कम ही देखी जाती हैं.

कई लोग इसी कारण उनकी आलोचना करते हुए कहते हैं कि वो अफ़ग़ानिस्तान में महिलाओं की बेहतरी के लिए कुछ ख़ास नहीं कर रही हैं.

लेकिन इस हफ़्ते शायद अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का ख़्याल करते हुए वो बीबीसी से बात करने के लिए तैयार हो गईं.

ज़ीनत करज़ई ने बीबीसी की मरयम ग़मगुसार और फ़्रेबा ज़ाहिर से इस मौक़े पर ख़ास बातचीत की.

काबुल स्थित राष्ट्रपति निवास में कड़े सुरक्षा के बीच वो रहती हैं और उन तक पहुंचने के लिए बीबीसी टीम को पांच जगहों पर सुरक्षा चेक करवाना पड़ा.

सुरक्षा की मजबूरी

शायद ज़ीनत करज़ई को भी सुरक्षा के भारी भरकम इंतज़ाम से थोड़ी परेशानी होती होगी, तभी तो उन्होंने बातचीत की शुरूआत ही इसी से की और कहा, ''हर वक़्त इतनी कड़ी सुरक्षा में रहना बहुत मुश्किल है. मेरा बस चले तो मैं महल (राष्ट्रपति निवास) से बाहर रहना पसंद करूंगी.''

और शायद यही कारण है कि ज़ीनत सार्वजनिक जगहों पर लगभग ना के बराबर दिखाई पड़ती हैं.

बातचीत को आगे बढ़ाते हुए ज़ीनत कहती हैं, ''मैं अफ़ग़ानिस्तान के अंदरूनी इलाक़ों में कहीं भी नहीं गई हूं. मेरा संपर्क अफ़ग़ानिस्तान की कई महिलाओं से है लेकिन वे सब मुझसे मिलने मेरे पास आती हैं, मैं उनके पास नहीं जा पाती हूं.''

इस कारण अपनी आलोचना का जवाब देते हुए ज़ीनत कहती है, ''मैं जानती हूं कि मेरा जो भी योगदान है वो सार्वजनिक नहीं है और मीडिया में नहीं दिखता. लेकिन मैं जो भी कर सकती हूं और अफ़ग़ानिस्तान के मौजूदा हालात में जो भी करना मुमकिन है, मैंने वो किया है.''

उन्होंने आगे कहा कि अफ़ग़ानिस्तान फ़िलहाल इस चीज़ के लिए तैयार नहीं कि देश की प्रथम महिला, राष्ट्रपति के साथ-साथ सार्वजनिक रूप से दिखे.

ज़ीनत कहती है, ''ये देश पिछले 30 वर्षों से युद्घ झेल रहा है. हमें सब कुछ धीरे-धीरे और अपनी सभ्यता और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए ठीक करना है.''

लेकिन ऐसा नहीं है कि ज़ीनत बिल्कुल ही किसी से नहीं मिलती हैं. उन्होंने कई देशों की प्रथम महिला से मुलाक़ात की है और कई तो उनकी दोस्त भी बन गई हैं.

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की पत्नी शेरी ब्लेयर, अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की पत्नी लौरा बुश, भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर की वो बहुत प्रशंसा करती हैं.

ईरान के राष्ट्रपति अहमदिनिजाद की पत्नी आज़म अल-सादात फ़राही से वो बहुत नज़दीक़ हैं और उनसे तो वो अक्सर फ़ोन पर बातें करती हैं.

बेटा-बेटी एक समान

ज़ीनत को एक छह साल का बेटा है जिसका नाम मीरवाइज़ है और एक छोटी बेटी है जिसका नाम मलाला है.

अफ़ग़ानिस्तान के समाज में बेटियों को बेटों की तुलना में कमतर समझा जाता है, लेकिन ज़ीनत कहती हैं कि वो और उनके पति राष्ट्रपति करज़ई बेटा और बेटी में कोई फ़र्क़ नहीं करते हैं.

इस बारे में वो कहती हैं, ''बेटी, अल्लाह की तरफ़ से दिया गया सबसे बेहतरनी तोहफ़ा है.''

अफ़ग़ानिस्तान में कई महिलाएं बुर्क़ा पहनती हैं लेकिन ज़ीनत के अनुसार बुर्क़ा पहनने का रिवाज अफ़ग़ानिस्तान में पहले से नहीं था, ये दूसरे देश से वहां पहुंचा.

ज़ीनत के मुताबिक़ अफ़ग़ानिस्तान की महिलाओं में एक बड़ा सा हेडस्कार्फ़ पहनने का रिवाज रहा है.

अपने बचपन के बारे में बात करते हुए ज़ीनत कहती है, ''मेरे माता-पिता ने इस बात का ख़्याल रखा था कि हम सभी बहनें पढ़े और यूनिवर्सिटी जाकर उच्चा शिक्षा हासिल करें. हमारे परिवार के लिए ये बहुत अहम था.''

अपने बच्चों के बारे में ज़ीनत कहती हैं कि वो चाहती हैं कि वो दोनों भी उच्च शिक्षा हासिल करें और अगर उनकी इच्छा हो तो वो भी राजनीति के मैदान में आएं.

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