इनकम टैक्स का ईमेल तो नहीं मिला आपको?

  • 13 मार्च 2013
Image caption तमाम लोगों के आजकल आयकर विभाग के जाली मेल मिल रहे हैं

यह कोई बहुराष्ट्रीय उपभोक्ता कम्पनी का सुनहरा झांसा नहीं है. खुद भारत सरकार के इन्कम टैक्स विभाग की तरफ से है. मेल का आईडी, डिजाइन और प्रारूप बिलकुल सरकारी है और एकबारगी अच्छे- अच्छे भी धोखा खा सकते है. ईमेल में कहा गया है कि आयकर विभाग आपको आपका बकाया रिफंड करना चाहता है.

हो सकता है कि मेल देखते ही आप के भीतर खुशी की लहर दौड़ जाए, लेकिन ये एक और झांसा है.

इस मेल की भाषा कुछ इस तरह की होती है कि आयकर विभाग ने आपके पिछले सालों के भुगतान पर गौर किया है, विस्तृत समीक्षा के बाद पाया गया है कि विभाग का आपको कुछ रिफंड देय है. मेल में लिखा होता है कि नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और अपने बैंक खाते की पूरी जानकारी हमें मुहैया कराएं, ताकि विभाग आपको बकाया रक़म आपको वापस कर सके.

मेल के लिंक पर क्लिक करने पर पहले तो आयकर विभाग का पन्ना खुलता है और यहीं आपसे अपना बैक चुनने के लिए कहा जाता है.

सावधान रहें

ख़बरदार होने की जरूरत यहीं पर है. जैसे ही आप अपना बैंक चुनते हैं तो बैंक का पन्ना खुलता है जहाँ आपको तमाम पासवर्ड या पिन नंबर भरने पड़ते हैं.

चार्टर्ड एकांउटेंट कुलदीप सिंह कहते हैं,"पिछले कुछ महीनों में उनके कुछ क्लाइंट्स के पास ऐसे ईमेल आए हैं जिसमें आयकर विभाग ने उपभोक्ता को अपनी देनदारी की बात कही है. पर सवाल ये है कि जब देनदारी है ही नही तो भला विभाग पैसे क्यों देगा."

कुलदीप ये भी कहते हैं कि उन्होंने अपने क्लाइंट के कहने पर उनके टैक्स के पुराने ब्यौरे देखे और पाया कि विभाग की ओर से कोई भी देनदारी बकाया नही है.

एक अन्य चार्टेड एकाउंटेंट अनुज कहते हैं कि “आयकर विभाग इस तरह से कभी भी ईमेल नही भेजता है. अगर आपका रिफंड देय है भी, तो विभाग आपको लिखित नोटिस आपके रजिस्टर्ड पते पर भेजेगा. न कि ईमेल के जरिए आपसे बैक डिटेल्स मांगेगा.” यही नही, अगर आप आयकर विभाग की वेबसाइट पर जाएं तो इससे पहले कि होम पेज खुले, ग्राहकों के लिए संदेश नजर आता है, जिसके मुताबिक विभाग किसी भी करदाता के बैंक, क्रेडिट कार्ड या फिर अन्य किसी वित्तीय खाते के पिन नंबर, पासवर्ड कभी नही मांगता है.

आयकर विभाग ने करदाताओं से अपील की है कि वो इस तरह के जानकारी मांगने वाले ईमेल का जवाब न दें.

भरोसे से खिलवाड़

ऐसे मामलों में नकली की पहचान बेहद मुश्किल है. पर पैसे किसे बुरे लगते हैं. खासतौर पर तब जब इन्कम टैक्स वाले वापस कर रहे हों. मेल पर भरोसा कर उपभोक्ता लॉग इन कर रहे हैं और उनके पासवर्ड चोरी हो रहे हैं.

आई टी विशेषज्ञ विश्वनाथन कहते हैं ,"इस तरह के मेल स्पैम हैं. स्पैम का मतलब है कि एक ही आईपी एड्रेस से हज़ारों लोगों को मेल भेजना. इस तरह के मेल का जवाब देने पर जब आप पास वर्ड भरने लगते हैं तो वो हैकर कीलॉगर के जरिए आपके गोपनीय पासवर्ड हासिल कर लेता है , इसके बाद मौका लगने पर वो इनका दुरुपयोग कर आपका खाता खाली कर सकता है."

इसी तरह, तमाम लोगों के पास ऐसे मेल या एसएमएस भी आते हैं, जिनमें उन्हें करोड़ों रुपए की लॉटरी जीतने का झांसा दिया जाता हैं. लॉटरी की रकम पाने के लिए लोगों से वादा किया जाता है कि अमुक धनराशि अमुक खाते में जमा करने के बाद उन्हें उनकी सारी रकम मिल जाएगी. कई लोग इन शातिरों की चालबाज़ी में फंस भी जाते हैं और करोड़ों की रकम पाने की लालच में अपनी जमा पूंजी भी गँवा देते है.

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