इतालवी मरीन मामले पर नाराज़गी, दूत तलब

  • 12 मार्च 2013
इटली के नौसैनिकों को वापस नहीं भेजने के फ़ैसले पर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया

इतालवी दूतावास के अधिकारियों को भारत सरकार ने देर शाम में तलब कर इटली सरकार के इतालवी नौसैनिकों को भारत भेजे जाने से इनकार किए जाने के फ़ैसले पर भारत सरकार की राय से अवगत करा दिया है.

भारत के विदेश सचिव रंजन मथाई ने कहा, “हमने उनसे कहा कि इटली सरकार का फ़ैसला हमें स्वीकार्य नहीं है. इटली सरकार को अपने वादे के मुताबिक इतालवी नौसैनिकों को वापस भेजना चाहिए.”

विदेश सचिव के मुताबिक इटली के राजनयिकों ने ये संदेश वहां की सरकार तक पहुंचाने की बात कही है.

प्रधानमंत्री का दखल

इससे पहले इटली सरकार के इतालवी नौसैनिकों को भारत भेजे जाने से इनकार किए जाने से उठे हंगामे पर प्रधामनमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वे इस मसले को इटली के सामने उठाएंगे ताकि भारत के दो मुछाआरों की हत्या के मामले में अभियुक्त बनाए गए इतालवी नौसैनिकों को भारत लाया जाए.

इस मामले में केरल के वामपंथी सांसदों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी. वामपंथी सांसदों का कहना है कि मनमोहन सिंह ने इटली के फ़ैसले को अस्वीकार्य बताया.

हालांकि समचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि मनमोहन सिंह ने प्रतिनिधि मंडल को भरोसा दिलाया है कि वे इस मामले को देखेंगे और विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद से कहेंगे कि वे इस मामले को इटली के सामने रखें.

इटली के फ़ैसले से नाराज केरल में वामपंथी और कांग्रेसी नेतृत्व वाले यूडीएफ के सांसदों ने इस मामले में प्रधानमंत्री से दखल देने की मांग की.

केरल के सांसद नाराज

सीपीआई (एम) के सांसद एमबी राजेश ने समाचार एजंसियो से कहा, “हमने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर उन्हें इस मामले में दखल देने को कहा. उन्होंने हमें कहा कि उन्हें इटली के फ़ैसले की जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से मिली. उन्होंने हमें भरोसा दिलाया कि वे विदेश मंत्री से इस सिलसिले में बात करेंगे.”

राजेश ने आगे ये भी कहा, “प्रधानमंत्री ने हमसे कहा इटली का फ़ैसला हमें स्वीकार्य नहीं होगा.”

यूडीपी गठबंधन के सांसदों का नेतृत्व कर रहे कांग्रेसी सांसद पीसी चाको ने कहा, “प्रधानमंत्री ने हमें भरोसा दिलाया है कि इस मामले पर विदेश मंत्री से चर्चा करेंगे.”

कोच्चि के के समुद्री तट पर इतालवी तेल टैंकर की निगरानी कर रहे दो नौसैनिकों ने भारतीय मुछआरों को समुद्री लुटेरा समझकर गोलियां चलाईं थीं.

क्या है मामला

इस हादसे में दो मछुआरों की मौत हो गई थी. इन दोनों इतालवी नौसैनिकों को पिछले साल हिरासत में लिया गया था.

हत्या के मामले में अभियुक्त बनाए गए इन नौसैनिकों को सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी माह में चार सप्ताह के लिए अपने देश जाने की इजाजत दी थी.

नौसैनिकों को इटली में आम चुनाव के दौरान मतदान करने के लिए ये अनुमति दी गई थी.

इससे पहले क्रिसमस की छुट्टियों के दौरान भी इन्हें अपने देश जाने दिया गया था, तब ये लौट आए थे.

लेकिन सोमवार को इतालवी सरकार ने ये कहा कि नौसैनिक मामले की सुनवाई के लिए दिल्ली नहीं लौटेंगे और हम अंतरराष्ट्रीय स्तर की मध्यस्थता के लिए तैयार हैं.

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