दिल्ली गैंगरेप: राम सिंह आखिर था कौन

  • 11 मार्च 2013

तिहाड़ जेल में कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले दिल्ली गैंगरेप के मुख्य अभियुक्त राम सिंह उस बस के चालक था जिसमें इस सामूहिक बलात्कार को अंजाम दिया गया था.

घटना के दो दिन बाद यानी 18 दिसंबर को राम सिंह को गिरफ़्तार किया गया था. राम सिंह को सबसे पहले पकड़ा गया था. राम सिंह का छोटा भाई मुकेश सिंह भी इस केस में अभियुक्त है.

पुलिस ने राम सिंह के अलावा मुकेश सिंह, विजय शर्मा, अक्षय ठाकुर और पवन गुप्ता के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दाख़िल किया था.

सूत्रों के मुताबिक 33 वर्षीय राम सिंह, उसके भाई मुकेश और सहायक अक्षय ठाकुर ने घटना वाले दिन पार्टी की और फिर मस्ती करने के इरादे से बस में निकल पड़े थे. इसी के बाद उन्होंने कथित तौर पर इस महिला के साथ बलात्कार किया था.

दुर्घटना

साल 2009 में एक दुर्घटना में घायल होने के बावजूद वो बस चलाता था. इस दुर्घटना में उसकी एक हाथ में इतनी चोट आई थी कि डॉक्टरों को रॉड डालनी पड़ी थी.

उसे जानने वाले बताते हैं कि वो छोटे कद का था. दक्षिण दिल्ली की एक बस्ती में रहने वाले राम सिंह के कुछ पडोसियों का कहना था कि वो अकसर शराब पी कर अपना आपा खो देता था.

एक महिला का कहना था कि कई बार वो झगड़ों में शामिल पाया जाता था.

अपनी बस्ती में लोग उसे 'मेंटल' के नाम से जानते थे.

घर का हाल

दक्षिण दिल्ली के आरके पूरम की एक बस्ती में उसका घर है जहां एक तंग गली उसके घर की ओर जाती है. उसके एक चचेरे भाई ने बताया कि राम सिंह की बाजू एक दुर्घटना में टूट गई थी जिसकी वजह से वो इसका ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाता था.

उसका कहना था, ''लेकिन फिर भी उसकी ड्राइविंग पर इसका कोई असर नहीं पड़ता था.''

उसके एक पड़ोसी ने कहा, '' कल ही उन्होंने राम सिंह के मां बाप को देखा है. इस घटना के बाद वो यहां से चले गए थे. आस-पड़ोस के लोग उनसे कुछ खास बात नहीं करते. फिर आज अचानक वो रोते हुए नज़र आए.''

पिछले दिनों जब बीबीसी संवाददाता नितिन श्रीवास्तव उनकी बस्ती गए थे तो उन्होंने राम सिंह के कमरे में बहुत सारे फिल्म स्टारों और बॉडी बिल्डरों के पोस्टर लगे देखे थे.

'सबूत खत्म करने का प्रयास'

एक म्यूज़िक सिस्टम और बड़ा स्पीकर उनके संगीत के प्रति लगाव दिखाता था.

ज़मीन पर बिखरे उनके कपड़ों से साफ था कि उन्हें ज़ींस और टी शर्ट काफी पसंद थी.

पुलिस अधिकारियों का कहना था कि घटना के बाद उसने सबूत को खत्म करने की काफी कोशिश की और बस को पानी से धोया भी ताकि पुलिस की जांच भटक जाए.

वसंत विहार इलाके में हुई इस वारदात के बाद देश भर में गुस्से की लहर दौड़ गई थी. बस में युवती के साथ उसका दोस्त भी मौजूद था. आरोपियों ने दोनों की बुरी तरह पिटाई की और युवती के साथ दरिंदगी को अंज़ाम दिया.

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